मामला पुलिस का बनता था, लेकिन भागी हुई लड़की के घरवालों को भी उम्मीद नहीं थी कि लड़की को पकड़ने के बाद रेलमंत्री करेंगे कुछ ऐसा……

एक लड़की जो परीक्षा के डर से घर से भाग गयी थी उसे रेलवे पुलिस ने खोज निकाला और सुरक्षित उसके घरवालों को सौंप दिया. खबर यही नहीं ख़त्म होती, दरअसल लड़की का नाम अनैस जोसमॉन है, और उसकी उम्र 14 साल है, परीक्षा के डर से वो 8 मार्च को घर छोड़कर भाग गयी थी. जब वह लापता हुई तो उसके घरवालों का बुरा हाल हो गया था, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर मेरी बेटी अचानक यूँ लापता कैसे हो गयी. इस लड़की के मिलने और घर तक सुरक्षित पहुँचने के पीछे भारतीय रेलवे और रेलमंत्री पीयूष गोयल की जमकर तारीफ हो रही है. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर लड़की लापता थी तो मामला पुलिस का बनता था तो इसमें रेलवे कहाँ से आ गया, तो चलिए आपको पूरी खबर बताते हैं.

आजतक के मुताबिक दिल्ली के एक कान्वेंट स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली अनैस जोसमॉन 8 मार्च को परीक्षा के डर से घर से लापता हो गयी थी. लड़की को गणित की परीक्षा से बहुत डर लगता है, और इसलिए परीक्षा से पीछा छुड़ाने के लिए इसने भागना बेहतर समझा. भागने के पीछे अनैस की माँ का कहना है कि “अनैस गणित में अच्छी नही है और पिछले इग्जाम में भी इसके नम्बर अच्छे नहीं आये थे. जिसके डर से वो घर से भाग गयी. उसने किसी को बताया भी नही. उसने 8 मार्च को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से चेन्नई जाने के लिए तमिलनाडु एक्सप्रेस के लिए ट्रेन पकड़ी थी. वह चेन्नई में बाइबल क्‍लासेज के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना चाहती थी.”

अब इस खबर में सराहनीय जिक्र आता है भारतीय रेलवे का, दरअसल इस लड़की को भोपाल स्टेशन पर खोज निकाला गया, जब इसकी जानकारी रेलमंत्री पीयूष गोयल को मिली तो उन्होंने लड़की और उसके परिवार के लोगों से मुलाकात भी की. रेलमंत्री तब हैरान रह गये जब उन्हें पता चला कि लड़की की उम्र महज 14 साल ही है.

इस वजह से मिल पाई अनैस

मोदी सरकार में लोगों का कितना ख्याल रखा जाता है, इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि रेल मंत्रालय ने देश के लापता बच्चों को ढूंढने के लिए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत भारत के सभी प्रमुख स्टेशनों को जोड़ा गया है. इसी के तहत अनैस की तलाश पूरी की गयी. बता दें कि मंत्रालय की ओर से एक आंकड़ा जारी किया गया है जिसके मुताबिक, 2014 से 2016 तक, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेलवे नेटवर्क से 1,317 (944 लड़के, 373 लड़कियां) तस्करी वाले बच्चों सहित 20,931 बच्चों को ढूंढ निकाला है.

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