इंडिया टुडे के कार्यक्रम में ‘अच्छे दिनों’ के सवाल पर नितिन गडकरी ने जवाब दिया कुछ ऐसा कि राजदीप ख़ामोशी से सुनते रहे

वैसे तो देश की मोदी सरकार अपने विकास कार्यों के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरी कोशिशों से लगी हुई है लेकिन इस सरकार में कुछ मंत्री ऐसे हैं जो अपनी छवि और अपने विकास के कार्यों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं. इन्हीं में से एक नाम केन्द्रीय मंत्री नीति गडकरी का भी है. नितिन गडकरी अपने वाकपटुता के लिए भी जाने जाते हैं. इंडिया टुडे ग्रुप के एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने अच्छे दिनों को लेकर अपनी बेबाकी दिखाते हुए सराहनीय बयान दिया, जिससे विरोधियों को मिर्ची लगना तय है. दरअसल जब 2014 में लोकसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रचार हो रहे थे तब भाजपा के नेताओं की तरफ से अच्छे दिन आने की बात कही गयी थी, और इस पर विपक्ष ने कई बार निशाना भी साधा है.

यही सवाल जब इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में मोदी सरकार में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से राजदीप सरदेसाई ने अच्छे दिनों पर सवाल किया तो जवाब सुनकर एंकर राजदीप भी सिर्फ मुस्कुराते हुए नजर आये. बता दें कि अच्छे दिनों के सवाल पर नितिन गडकरी ने साफ़ शब्दों में कहा कि “अच्छे दिन कभी होते नहीं हैं, अच्छे दिनों को मानना पड़ता है.”

जाहिर सी बात है कि जिस तरीके से मोदी सरकार देश हित में फैसले लिए जा रही है और देश को प्रगति की राह पर ले जा रही है, उसके बावजूद विपक्ष अच्छे दिनों पर हमेशा हंगामा खड़ा करता है, और देश में विकास कार्य कितना भी हो जाये, लेकिन विपक्ष अच्छे दिन मानने को तैयार ही नहीं. इसी को देखते हुए नितिन गडकरी ने भी कहा कि अच्छे दिन मानने से होते हैं, अगर अच्छे दिनों को भी आप नहीं मानोगे तो वो कभी नहीं आएँगे.

विपक्ष द्वारा किये जा रहे सदन में हंगामे पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि “विपक्ष सिर्फ हंगामा करना जानता है, हम हर मुद्दे पर बहस करने को तैयार हैं, लेकिन एक साथ एक ही मुद्दे पर बहस हो सकती है, लेकिन विपक्षियों की तरफ से एक बार में ही तीन-तीन मुद्दों पर नोटिस देने से हंगामे की स्थिति पैदा होती है, और यही विपक्ष की मंशा है.”

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